Sunday, 8 October 2017

दीवाली पर प्रदूषण का रोना रोने वाले कौन लोग?

जैसा कि आप सब जानते है देश का सबसे बड़ा त्यौहार आने वाला है। जिसे खुशियों का त्यौहार, मिठाइयों का त्यौहार या पटाखों का त्यौहार भी कहा जाता है। लगभग पूरी दुनिया के हिन्दू इस त्यौहार को दीपक ज्वलित कर व पटाखे चला कर मनाते है। 
इस दिन भगवान श्री राम अयोध्या वापस लौटे थे और उनके आने की खुशी में ही अयोध्या वासियो ने सारे नगर में दीपक जला कर खुशिया मनाई थी। यह त्यौहार आने वाले राम राज्य के लिये मनाया गया था तथा तब से आज तक उसी दिन हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग इसे धूमधाम से मनाते है। चलो अब आते है आज के विषय पर।

चलो एक नजर इस चित्र पर डाली जाए इसमे एक मैडम जिनका शुभनाम सागारिका घोष करके कुछ है चलो वैसे नाम महत्व नही रखता । इस चित्र में मैडम ने पहले बकरीद पर शुभकामनाएं दी है जिनमे इन्होंने कबाबों का जिक्र किया है। लगता है इन्हें कबाब बहुत पसन्द है लेकिन अब एक नजर दीवाली वाली पोस्ट पर डालो तो मैडम ने ग्रीन दीवाली मनाने की बात की है हम आपसे भी पूछ रही है कि क्या आप भी ग्रीन दीवाली मना रहे है क्या?? चलो पहले तो ये बतादूँ ग्रीन दीवाली है क्या? ग्रीन दीवाली का मतलब है प्रदूषण मुक्त दीवाली यानी बिना पटाखो की दीवाली सीधे शब्दों में।          
सच मे ये बहुत हास्यपद है की बकरीद पर जीवो की हत्या के लिये शुभकामनाएं देते वक्त ये उनके खुन ओर गन्दगी से होने वाले प्रदूषण को भूल गयीं बस कबाब ध्यान रहे। असल मे ये लोग है कौन?
जो हिन्दुओ के त्यौहारों पर पर्यावरण का पाठ पढ़ाने लगते है। लेकिन बकरीद, न्यू ईयर जैसे त्यौहारों पर चुप हो जाते है। 
असल मे ये वामपंथी व सुडो सेक्युलर लोग है जिन्हें पर्यावरण की याद सिर्फ होली व दिवाली पर आती है। और हिन्दुओ को दोषी ठहराया जाने लगता है वायु प्रदूषण व जल प्रदूषण के लिए। लेकिन बकरीद व न्यू ईयर पर होने वाले जल, मृदा व वायु प्रदुषण पर साँप सूंघ जाता है। इन्हें जलीकट्टू में पशुओं पर अत्याचार दिखता है परंतु गौ हत्या इनके लिए एक समुदाय विशेष को खुश करने का तरीका लगता है। 
अतः आप लोग इस दीवाली अपने अंदर की बुराइयो को मिटाकर आपसी भाईचारे को बढाए और हां खुल कर पटाखे छुटाए। प्रदूषण कम करने का सारा जिम्मा हिन्दुओ के सिर तो नही है। लेकिन हमारी परम्पराए रही है हम वैदिक काल से वृक्षों को पूजते आये है अतः इस दीवाली वृक्षारोपण भी अवश्य करे। कम से कम एक वृक्ष जरूर लगाएं। 
तो आप सभी को आगामी दीवाली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। फिर मिलेंगे अगली पोस्ट पर।तब तक के लिए--
जय हिंद।
वन्दे मातरम।
Rituraj Singh Pundir
(Indian Voice)
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