Friday, 13 October 2017

अगर आप राजपूत है तो आपको ये 5 बाते पता होनी चाहिये।

जय श्री राम भाइयो। 🙏🙏
जैसा कि आप सभी जानते है राजपूत जाति को भारत में वीरो की जाति भी कहा जाता है। बहुत से राजपूत वीरो ने इस मिट्टी की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया है। वैसे तो देशभक्तों की कोई जाति नही कहि जाती। देशभक्त अपने आप मे एक अलग जाति है जिसके समान दूसरा कोई वर्ग नही। लेकिन आज हम राजपूत जाति के बारे में कुछ विशेष रूप से पढ़ने वाले है। राजपूत वीरो के अगर नाम गिनाए जाने लगे तो शायद ये पोस्ट कम पड़ जाए या फिर समय।
चलो राजपूत वीरो ओर उनकी वीरता के बारे में तो आप सभी जानते है। आइए आज आपको कुछ ऐसी बाते बताते है जो प्रत्येक राजपूत को पता होनी चाहिए।

1.  जब एक राजपूत तलवार उठाता है तो जीत का निर्णय संख्याबल से नही देशप्रेम के उन्माद से होता है।

2.  एक राजपूत का अंत तब नही होता जब वह सांस लेना बंद कर देता है उसका जीवन तब समाप्त होता है जब वह अन्याय के खिलाफ , अपने अधिकारों के लिए या फिर जो उसे सही लगे उसके लिए लड़ना बन्द करदे। इसीलिये मरने के बाद भी एक सच्चा राजपूत वर्षो वर्षो तक जीवित रहता है।
(फेमस राजपुताना डायलॉग वीडियो)


3. हर राजपूत को उस दिन की प्रतीक्षा रहती है जब वो मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर सके।

4. जो दूसरों के प्राणों की रक्षा करे वही सच्चा राजपूत कहलाता है।

5. समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में सक्षम व्यक्ति ही राजपूत कहलाने योग्य है।
तो आज के लिए बस इतना ही दोस्तो। फिर मिलेंगे नई पोस्ट के साथ। तब तक के लिए।
जय हिंद।
वन्दे मातरम।
शेयर जरूर करे।

Thursday, 12 October 2017

पद्मावती ट्रेलर: शांत होने के बजाय भड़के राजपूत।

तो कैसे है आप लोग। आशा करता हूँ अच्छे ही होंगे। तो दोस्तो आप सभी जानते है आज कल पद्मावती फ़िल्म का मुद्दा खूब गरमाया हुआ है। भंसाली जैसे लोग अपनी फिल्म प्रोमोट करने के लिए इतिहास से छेड़छाड़ करने से भी नही चूक रहे। और यही वजह है इस बार राजपूत समाज के लोग चुप बैठने के मूड में नही दिख रहे। राजपूतो ने भंसाली को पीट कर ये बता दिया की अब बस बहुत हुआ अब इतिहास से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नही की जाएगी।
असल मे जैसा कि पोस्ट के शीर्षक के माध्यम से भी पता चल रहा है कि बात ट्रेलर की है। भंसाली ने ट्रेलर को इस भांति बनवाया है ताकि राजपूतो को लगे की उनके इतिहास के साथ किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ नही हुई। बल्कि वो गर्व महसूस करे। क्योकि ट्रेलर में जो दो डायलॉग लिए गए है वो भी राजपूतो की वीरता को दिखाते है। इससे भंसाली को शायद ये वहम रहा होगा कि इसे देखने के बाद राजपूत युवा शांत हो जाएंगे और फ़िल्म रिलीज़ होने में किसी प्रकार की कोई परेशानी नही होगी। 
लेकिन हुआ बिल्कुल इसके विपरीत। राजपूत समाज के नेताओ और युवाओ ने समाज से अपील की है कि विरोध और तेज किया जाए। और ये भी साफ सन्देश दिया है कि ये भंसाली की नई सोची समझी चाल है। 
अब देखना यही है आगे क्या होता है। राजपूत युवाओ ने विरोध आंदोलन और तेज कर दिया है तथा वे फ़िल्म में इतिहास से छेड़छाड़ होने पर जिन भी सिनेमाघरों में फ़िल्म चलेगी उन्हें जलाने तक कि चेतावनी भी दे रहे है।
इस बार राजपूत सहने के मूड में नही है। और अगर सरकार का रुख नही बदला तो भाजपा का पारंपरिक वोटबैंक राजपूत समाज उससे दूर हो जायेगा। जो 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी समस्या होगा। 
इसलिए सरकार को भी इतिहास के साथ कोई छेड़छाड़ न हो ये सुनिश्चित करना चाहिए। ताकि लोगो का विश्वास सरकार में बना रहें।
तो दोस्तो आज के लिए बस इतना ही। शेयर करे। 
जय हिंद
वन्दे मातरम्।

Wednesday, 11 October 2017

पांच बेस्ट एंड्रोइड मोबाइल एप्प।

नमस्कार दोस्तो।
तो उम्मीद करता हूँ आप सभी एक दम बढ़िया होंगे। 
एंड्राइड एप्प्स का महत्व तो आप लोग जानते ही है। अगर देखा जाए तो एंड्राइड एप्प्स के बिना मोबाइल बेकार है। तो इसी लिए आज का टॉपिक हम लेकर आये है 5 बेस्ट एंड्राइड मोबाइल एप्प। 

1. CamScanner or SC scanner 
 दोस्तो छात्रों के लिए ये एक बहुत ही काम का एप्प है। इस एप्प के माध्यम से आप लोग किसी फ़ोटो को स्कैन करके पीडीएफ फ़ाइल में कन्वर्ट कर सकते है। 
इसका इस्तेमाल बहुत से छात्र अपने प्रोजेक्ट फ़ाइल वगैहरा बनाने में करते है। 
इस एप्प को प्लेस्टोर से मुक्त यानी फ्री में डाऊनलोड किया जा सकता है। 

2. Adaway
 दोस्तो ये आप के लिए बहुत ही काम का एप्प होने वाला है। हम में से बहुत से लोग नेट इस्तमाल करते समय आने वाले ऐडस से बहुत परेशान रहते है। अगर ऐसा है तो आप इस एप्प का इस्तेमाल करके ऐड ब्लॉक कर सकते है। लेकिन ये एप्प आपको प्लेस्टोर पर नही मिलेगा। ये आपको apk फ़ाइल से डाऊनलोड करना पड़ेगा। 

3. DU Recorder 
दोस्तो ये एप्प उन लोगो के लिए बहुत काम का है जिनका यूट्यूब चैनल है और मोबाइल से रिलेटेड कोई वीडियो बनाना चाहते है। इस एप्प के जरिये आप वो सब एक वीडियो की तरह रिकॉर्ड कर सकते हो जो आपके मोबाइल में चल रहा है। मतलब आप कुछ भी कर रहे है अपने मोबाइल में वो सब वीडियो के रूप में डाऊनलोड होता रहेगा। है ना मजेदार।
इसे भी आप फ्री में प्लेस्टोर से डाउनलोड कर सकते है। 

4. Pics Art
दोस्तो आप मे से बहुत से लोग फोटोग्राफी ओर फ़ोटो एडिटिंग के दीवाने होंगे। तो आपके लिए ये एप्प सबसे ज्यादा आसान और अच्छा है। इस के जरिये आप लगभग एंड्राइड मोबाइल से हर तरह की फ़ोटो एडिटिंग कर सकते है। 
इसे भी फ्री में प्लेस्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। 

5.Vidmate
दोस्तो बहुत से लोगो को यूट्यूब से वीडियो डाउनलोड करने का शौक होता है पर वो सिर्फ ऑफलाइन ही सेव कर पाते है। इससे उसे किसी के साथ शेयर करने में भी दिक्कत होती है। तो उनके लिये विडमेट वरदान जैसा है। इसके माध्यम से यूट्यूब की सभी वीडियो डाउनलोड की जा सकती है। वो भी बिल्कुल फ्री। पर ये एप्प भी आपको apk फ़ाइल में ही मिलेगा।

तो दोस्तो कैसा लगी आज की पोस्ट। नीचे कमेंट में जरूर बताना। और दोस्तो हमे फॉलो करना न भूले। फॉलो का आइकॉन अगर न दिखे तो इस साइट को वेब मोड में ओपन करे।
तो आज के लिए सिर्फ इतना ही। फिर मिलेंगे तब तक के लिए
जय हिंद
वन्दे मातरम

Monday, 9 October 2017

पद्मावती ट्रेलर: राजपूतो को राहत या लॉलीपॉप ?

तो जिस दिन का इंतजार था वो आ ही गया। आज पद्मावती फ़िल्म का ऑफिसियल ट्रेलर प्रदशित किया गया। ट्रेलर में ऐसा कुछ नही दिखा जिसमे लगे कि फ़िल्म में हिन्दू(राजपूतो) के सम्मान से कोई खिलवाड़ किया गया हो बल्कि भंसाली ने राजपूतो को समर्पित फ़िल्म भी बताया। ये उस देशव्यापी विरोध का ही परिणाम है कि भंसाली को कुछ अक्ल आयी है। चलो एक नजर इस चित्र पर भी डालते है।
अब अगर देखा जाए तो सबसे बड़ा सवाल ये है कि ये ट्रेलर हिन्दुओ के लिए एक लॉलीपॉप मात्र है जिससे भंसाली को फ़िल्म रिलीज़ करवाने में कोई परेशानी का सामना न करना पड़े या फिर वाकई में उसने तथ्यों के साथ कोई छेड़छाड़ नही की। इसपर सबकी राय अलग अलग आ रही हैं। कुछ मान रहे है कि भंसाली की एक चाल है तो कुछ कह रहे है इतिहास को सही दिखाया जाएगा। 
अगर मैं अपनी बात करु तो मेरी राय में ये दोनों हो सकते है। हो सकता है भंसाली ने युवाओं को शांत करने के लिए ऐसा किया हो? या फिर उसे धुलाई के बाद अक्ल आगयी हो? अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसका पता कैसे चले और आगे क्या किया जाए?
तो इसका उत्तर ये है जो विरोध चल रहा है उसे ओर बढ़ाया जाए तथा सुखदेव सिंह गोगामेड़ी जैसे बड़े समाज सेवी व राजपूत इतिहासकारों की एक टीम बने जो फ़िल्म को रिलीज़ होने से पहले एक बार देखे तथा उसकी रिकॉर्डिंग भी हो जिसे सेंसर बोर्ड या टीम अपने पास रखे ताकि भंसाली भविष्य में पलट न जाये। अगर फ़िल्म में सब कुछ ठीक ठाक हुआ तो किसी को कोई आपत्ति नही होनी चाहिए नही तो जो करना है वो आप सब भली भांति जानते ही है। 
बस चाहे कुछ भी हो जाये माँ पद्मावती के आत्मसम्मान के साथ किसी प्रकार का कोई खिलवाड़ न हो। 
तो दोस्तो बस आज के लिए इतना ही। सुझाव अच्छा लगे तो शेयर जरूर करे। जल्दी फिर मिलेंगे एक नये विषय के साथ। तब तक के लिए जय हिंद वन्दे मातरम।
Rituraj Singh Pundir
(Indian Voice) 
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Sunday, 8 October 2017

दीवाली पर प्रदूषण का रोना रोने वाले कौन लोग?

जैसा कि आप सब जानते है देश का सबसे बड़ा त्यौहार आने वाला है। जिसे खुशियों का त्यौहार, मिठाइयों का त्यौहार या पटाखों का त्यौहार भी कहा जाता है। लगभग पूरी दुनिया के हिन्दू इस त्यौहार को दीपक ज्वलित कर व पटाखे चला कर मनाते है। 
इस दिन भगवान श्री राम अयोध्या वापस लौटे थे और उनके आने की खुशी में ही अयोध्या वासियो ने सारे नगर में दीपक जला कर खुशिया मनाई थी। यह त्यौहार आने वाले राम राज्य के लिये मनाया गया था तथा तब से आज तक उसी दिन हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग इसे धूमधाम से मनाते है। चलो अब आते है आज के विषय पर।

चलो एक नजर इस चित्र पर डाली जाए इसमे एक मैडम जिनका शुभनाम सागारिका घोष करके कुछ है चलो वैसे नाम महत्व नही रखता । इस चित्र में मैडम ने पहले बकरीद पर शुभकामनाएं दी है जिनमे इन्होंने कबाबों का जिक्र किया है। लगता है इन्हें कबाब बहुत पसन्द है लेकिन अब एक नजर दीवाली वाली पोस्ट पर डालो तो मैडम ने ग्रीन दीवाली मनाने की बात की है हम आपसे भी पूछ रही है कि क्या आप भी ग्रीन दीवाली मना रहे है क्या?? चलो पहले तो ये बतादूँ ग्रीन दीवाली है क्या? ग्रीन दीवाली का मतलब है प्रदूषण मुक्त दीवाली यानी बिना पटाखो की दीवाली सीधे शब्दों में।          
सच मे ये बहुत हास्यपद है की बकरीद पर जीवो की हत्या के लिये शुभकामनाएं देते वक्त ये उनके खुन ओर गन्दगी से होने वाले प्रदूषण को भूल गयीं बस कबाब ध्यान रहे। असल मे ये लोग है कौन?
जो हिन्दुओ के त्यौहारों पर पर्यावरण का पाठ पढ़ाने लगते है। लेकिन बकरीद, न्यू ईयर जैसे त्यौहारों पर चुप हो जाते है। 
असल मे ये वामपंथी व सुडो सेक्युलर लोग है जिन्हें पर्यावरण की याद सिर्फ होली व दिवाली पर आती है। और हिन्दुओ को दोषी ठहराया जाने लगता है वायु प्रदूषण व जल प्रदूषण के लिए। लेकिन बकरीद व न्यू ईयर पर होने वाले जल, मृदा व वायु प्रदुषण पर साँप सूंघ जाता है। इन्हें जलीकट्टू में पशुओं पर अत्याचार दिखता है परंतु गौ हत्या इनके लिए एक समुदाय विशेष को खुश करने का तरीका लगता है। 
अतः आप लोग इस दीवाली अपने अंदर की बुराइयो को मिटाकर आपसी भाईचारे को बढाए और हां खुल कर पटाखे छुटाए। प्रदूषण कम करने का सारा जिम्मा हिन्दुओ के सिर तो नही है। लेकिन हमारी परम्पराए रही है हम वैदिक काल से वृक्षों को पूजते आये है अतः इस दीवाली वृक्षारोपण भी अवश्य करे। कम से कम एक वृक्ष जरूर लगाएं। 
तो आप सभी को आगामी दीवाली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। फिर मिलेंगे अगली पोस्ट पर।तब तक के लिए--
जय हिंद।
वन्दे मातरम।
Rituraj Singh Pundir
(Indian Voice)
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पद्मावती फ़िल्म पर भारत सरकार का रुख चिंताजनक।

आजकल बहुत से मुद्दों पर जोरदार विरोध हो रहा है जिनमे से एक पद्मावती फ़िल्म का भी है। महारानी पद्मावती जी एक हिन्दू राजपूत घराने से सम्बन्ध रखती थी। उनका राज्य मेवाड़ था। भारत मे हिन्दू समाज मे उनके प्रति गजब की आस्था है। उन्हें बलिदान व आत्मसम्मान की देवी माना जाता है।
सब कुछ इतना सही है तो ये मुद्दा विरोध तक क्यो पहुँचा?
चलिये आप को लेके चलते है कुछ महीने पीछे जब एक फिल्मी भांड (असल मे मैं उसे भांड ही कहूंगा और ऐसा क्यों कह रहा हूँ ये आप लोग भी बहुत जल्दी समझ जायेंगे) ने माँ समान पद्मावती पर फ़िल्म बनाने का ऐलान किया। उसके बाद फ़िल्म में अलाउदीन खिलजी का रोल निभाने वाले एक्टर रणवीर सिंह ने एक मंच से कहा कि फ़िल्म में उनके और दीपिका पादुकोन के बीच लव सीन भी होने है। और आपकी जानकारी के लिए बतादूँ की दीपिका पादुकोण महारानी पद्मावती जी का रोल निभा रही है। बस यही से राजपूत समाज विरोध पर उतर आया। विरोध में भंसाली की ठुकाई व फ़िल्म सेट जलाना भी शामिल है। बहुत से संघठन इस फ़िल्म का विरोध कर रहे है सबका आरोप है कि फ़िल्म की पब्लिसिटी बढ़ाने के लिए माँ पद्मावती जी के इतिहास से छेड़छाड़ की जा रही है। और भी बहुत कुछ हुआ विरोध में और हो भी रहा है। अब आज के विषय पर आते है।
अभी स्मृति ईरानी जी ने भंसाली भांड को ये विश्वास दिलाया है कि राजस्थान में फ़िल्म रिलीज़ करने में कोई परेशानी नही होगी। अपने आप को हिंदुत्व व हिन्दुओ की ठेकेदार कहने वाली सत्ताधारी पार्टी भाजपा की एक बड़ी नेता, जो केंद्र सरकार में है के मुँह से ऐसा शर्मनाक बयान अपने आप मे एक चिंता का विषय है।
फ़िल्म इंडस्ट्री के नाम पर नारी शक्ति प्रतीक माँ समान महारानी पद्मावती जी के आत्मसम्मान से खिलवाड़ किया जा रहा है और खुद को हिंदूवादी कहने वाली सरकार इसपर हिन्दुविरोधी रुख अपनाये हुए है। भंसाली पहले भी फिल्मों के विवादित नामो के लिए चर्चा में रहा है। ये इस तरह के लोग है जो पैसा कमाने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते है इसलिए इनको भांड कहना सबसे उचित है।
अब आम लोगो को ही निर्णय करना है कि उन्हें किस तरह से विरोध करना है। सोशल मीडिया से निकलकर बाहर जमींनी स्तर पर आना होगा। अगर ये फ़िल्म रिलीज़ होती है और इसमे इतिहास से छेड़छाड़ होती है तो ये सम्पूर्ण हिन्दू समाज के लोगो केमाथे पर एक कलंक होगा जो कभी नही मिटेगा और भविष्य में लगने वाले कलंकों का एक आगमन भी।
प्रत्येक हिन्दू जातिवाद की रेखाओं को लांघकर विरोध के लिए घरो से बाहर निकले। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी जी का समर्थन करे और इस बहरी सरकार के कानों में ये बात पहुँचा दे कि फ़िल्म के नाम पर इतिहास से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नही की जाएगी। आज के लिए बस इतना ही दोस्तो।
जय हिंद।
वन्दे मातरम।
Raj (Indian Voice)
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अगर आप राजपूत है तो आपको ये 5 बाते पता होनी चाहिये।

जय श्री राम भाइयो। 🙏🙏 जैसा कि आप सभी जानते है राजपूत जाति को भारत में वीरो की जाति भी कहा जाता है। बहुत से राजपूत वीरो ने इस मिट्टी की र...