आजकल बहुत से मुद्दों पर जोरदार विरोध हो रहा है जिनमे से एक पद्मावती फ़िल्म का भी है। महारानी पद्मावती जी एक हिन्दू राजपूत घराने से सम्बन्ध रखती थी। उनका राज्य मेवाड़ था। भारत मे हिन्दू समाज मे उनके प्रति गजब की आस्था है। उन्हें बलिदान व आत्मसम्मान की देवी माना जाता है।
सब कुछ इतना सही है तो ये मुद्दा विरोध तक क्यो पहुँचा?
चलिये आप को लेके चलते है कुछ महीने पीछे जब एक फिल्मी भांड (असल मे मैं उसे भांड ही कहूंगा और ऐसा क्यों कह रहा हूँ ये आप लोग भी बहुत जल्दी समझ जायेंगे) ने माँ समान पद्मावती पर फ़िल्म बनाने का ऐलान किया। उसके बाद फ़िल्म में अलाउदीन खिलजी का रोल निभाने वाले एक्टर रणवीर सिंह ने एक मंच से कहा कि फ़िल्म में उनके और दीपिका पादुकोन के बीच लव सीन भी होने है। और आपकी जानकारी के लिए बतादूँ की दीपिका पादुकोण महारानी पद्मावती जी का रोल निभा रही है। बस यही से राजपूत समाज विरोध पर उतर आया। विरोध में भंसाली की ठुकाई व फ़िल्म सेट जलाना भी शामिल है। बहुत से संघठन इस फ़िल्म का विरोध कर रहे है सबका आरोप है कि फ़िल्म की पब्लिसिटी बढ़ाने के लिए माँ पद्मावती जी के इतिहास से छेड़छाड़ की जा रही है। और भी बहुत कुछ हुआ विरोध में और हो भी रहा है। अब आज के विषय पर आते है।
अभी स्मृति ईरानी जी ने भंसाली भांड को ये विश्वास दिलाया है कि राजस्थान में फ़िल्म रिलीज़ करने में कोई परेशानी नही होगी। अपने आप को हिंदुत्व व हिन्दुओ की ठेकेदार कहने वाली सत्ताधारी पार्टी भाजपा की एक बड़ी नेता, जो केंद्र सरकार में है के मुँह से ऐसा शर्मनाक बयान अपने आप मे एक चिंता का विषय है।
फ़िल्म इंडस्ट्री के नाम पर नारी शक्ति प्रतीक माँ समान महारानी पद्मावती जी के आत्मसम्मान से खिलवाड़ किया जा रहा है और खुद को हिंदूवादी कहने वाली सरकार इसपर हिन्दुविरोधी रुख अपनाये हुए है। भंसाली पहले भी फिल्मों के विवादित नामो के लिए चर्चा में रहा है। ये इस तरह के लोग है जो पैसा कमाने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते है इसलिए इनको भांड कहना सबसे उचित है।
अब आम लोगो को ही निर्णय करना है कि उन्हें किस तरह से विरोध करना है। सोशल मीडिया से निकलकर बाहर जमींनी स्तर पर आना होगा। अगर ये फ़िल्म रिलीज़ होती है और इसमे इतिहास से छेड़छाड़ होती है तो ये सम्पूर्ण हिन्दू समाज के लोगो केमाथे पर एक कलंक होगा जो कभी नही मिटेगा और भविष्य में लगने वाले कलंकों का एक आगमन भी।
प्रत्येक हिन्दू जातिवाद की रेखाओं को लांघकर विरोध के लिए घरो से बाहर निकले। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी जी का समर्थन करे और इस बहरी सरकार के कानों में ये बात पहुँचा दे कि फ़िल्म के नाम पर इतिहास से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नही की जाएगी। आज के लिए बस इतना ही दोस्तो।
जय हिंद।
वन्दे मातरम।
Raj (Indian Voice)
Plz share this story.
सब कुछ इतना सही है तो ये मुद्दा विरोध तक क्यो पहुँचा?
चलिये आप को लेके चलते है कुछ महीने पीछे जब एक फिल्मी भांड (असल मे मैं उसे भांड ही कहूंगा और ऐसा क्यों कह रहा हूँ ये आप लोग भी बहुत जल्दी समझ जायेंगे) ने माँ समान पद्मावती पर फ़िल्म बनाने का ऐलान किया। उसके बाद फ़िल्म में अलाउदीन खिलजी का रोल निभाने वाले एक्टर रणवीर सिंह ने एक मंच से कहा कि फ़िल्म में उनके और दीपिका पादुकोन के बीच लव सीन भी होने है। और आपकी जानकारी के लिए बतादूँ की दीपिका पादुकोण महारानी पद्मावती जी का रोल निभा रही है। बस यही से राजपूत समाज विरोध पर उतर आया। विरोध में भंसाली की ठुकाई व फ़िल्म सेट जलाना भी शामिल है। बहुत से संघठन इस फ़िल्म का विरोध कर रहे है सबका आरोप है कि फ़िल्म की पब्लिसिटी बढ़ाने के लिए माँ पद्मावती जी के इतिहास से छेड़छाड़ की जा रही है। और भी बहुत कुछ हुआ विरोध में और हो भी रहा है। अब आज के विषय पर आते है।
अभी स्मृति ईरानी जी ने भंसाली भांड को ये विश्वास दिलाया है कि राजस्थान में फ़िल्म रिलीज़ करने में कोई परेशानी नही होगी। अपने आप को हिंदुत्व व हिन्दुओ की ठेकेदार कहने वाली सत्ताधारी पार्टी भाजपा की एक बड़ी नेता, जो केंद्र सरकार में है के मुँह से ऐसा शर्मनाक बयान अपने आप मे एक चिंता का विषय है।
फ़िल्म इंडस्ट्री के नाम पर नारी शक्ति प्रतीक माँ समान महारानी पद्मावती जी के आत्मसम्मान से खिलवाड़ किया जा रहा है और खुद को हिंदूवादी कहने वाली सरकार इसपर हिन्दुविरोधी रुख अपनाये हुए है। भंसाली पहले भी फिल्मों के विवादित नामो के लिए चर्चा में रहा है। ये इस तरह के लोग है जो पैसा कमाने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते है इसलिए इनको भांड कहना सबसे उचित है।
अब आम लोगो को ही निर्णय करना है कि उन्हें किस तरह से विरोध करना है। सोशल मीडिया से निकलकर बाहर जमींनी स्तर पर आना होगा। अगर ये फ़िल्म रिलीज़ होती है और इसमे इतिहास से छेड़छाड़ होती है तो ये सम्पूर्ण हिन्दू समाज के लोगो केमाथे पर एक कलंक होगा जो कभी नही मिटेगा और भविष्य में लगने वाले कलंकों का एक आगमन भी।
प्रत्येक हिन्दू जातिवाद की रेखाओं को लांघकर विरोध के लिए घरो से बाहर निकले। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी जी का समर्थन करे और इस बहरी सरकार के कानों में ये बात पहुँचा दे कि फ़िल्म के नाम पर इतिहास से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नही की जाएगी। आज के लिए बस इतना ही दोस्तो।
जय हिंद।
वन्दे मातरम।
Raj (Indian Voice)
Plz share this story.
bhai shi bat
ReplyDeleteबिल्कुल सही कहा भाई आपने
ReplyDeleteBjp ki maa chud jayegi agar drama Kiya to
ReplyDeleteNice that is right
ReplyDeleteBjp ki to maa chudegi is baar
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